तेलंगाना राज्य में एक बड़ा टनल हादसा हो गया जिसमें तकरीबन आठ जिंदगियां फांसी हुई है पहले पानी और फिर मलवा आ गया अभी तक भी मजदूरों की सही लोकेशन तक का पता नहीं चल पा रहा मोटा मोटी अनुमान के मुताबिक दोस्तों टेरा सड़े 13 किलोमीटर अंदर तक फंसे हुए हैं आठ श्रमिक और बीच में क्या की सुरंग रह गई तो तेरा किलोमीटर दूर अंदर सुरंग में यह आठ मजदूर फंसे हुई है अब रेस्क्यू ऑपरेशन में भी सबसे बड़ी प्रॉब्लम यह आ रही है कि कई फीट तक कीचड़ भरा हुआ है तो यह भी बड़ा बनना है तेलंगाना में श्री सेलम लेफ्ट बैंक केनाल एसएलबीसी सुरंग में बचाव अभियान को आज रविवार सुबह या बड़ा झटका लगा है हालांकि एनडीआरएफ एसडीआरएफ दोनों की टीमों को लगातार कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा उसके बावजूद जी में लगातार मेहनत कर रही है और इन आठ मजदूरों को बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है देखिए तेलंगाना सुरंग आज से मैं अब तक हुआ क्या क्या पानी के तेज बहाव होने से सुरंग का एक हिस्सा ठहर गया सुरंग के अंदर तकरीबन साड़ी 13 किलोमीटर अंदर फंसे हुए लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में दोस्तों दुख की बात यह हैं कि अभी तक किसी भी श्रमिक से संपर्क नहीं हो पाया मतलब अटो लोगहैं दिन में किसी से भी बातचीत नहीं हुई है हालांकि रस के ऑपरेशन जा रही है और जैसा कि मैं आपको बताया बचाव कार्य में जल भराव और कीचड़ बाधा बन रहा है इस घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंथ रेड्डी से फोन पर बातचीत बकी और पीएम मोदी ने केंद्र सरकार की तरफ से पूरी मदद देने का भरोसा भी दिलाया लगभग 24 घंटे से भी ज्यादा का समय हो चुका है यह आठ मजदूर अंदर फंसे हुए हैं एनडीआरएफ ने कहा कि हमने अंदर आवास लगाइए लेकिन किसी का भी कोई रिस्पांस नहीं मिला और घुटने तक कीचड़ भरा हुआ तो अभी हैवी पंप मंगाया गया बट पंप आई है जो कि कीचड़ को यहां से बाहर निकलेगा और फिर उम्मीद है कि आगे का रस के ऑपरेशन शुरू हो पाएगा तेलंगाना के नागरकूनोल जिले की घटना दोस्तों जहां इसे टनल हादसे में 8 मजदूर 24 घंटे से ज्यादा का समय हो गया फांसी हुई है और रस के ऑपरेशन में फिलहाल यह दिक्कतें आ रही टनल के अंदर भी पानी भरा हुआ है एसडीआरएफ के एक अधिकारी के मुताबिक सुरंग के अंदर तक जाने का अभी कोई रास्ता ही नहीं है तो हालांकि सुरंग के अंदर ऑक्सीजन भेजी जा रही है पानी के लिए 100 हॉर्स पावर का पंप मंगाया गया 100 एचपी का सोच लो कितना बड़ा पंप है और इसके ऑपरेशन के लिए एनडीआरएफ के 150 के लगभगऔर एसडीआरएफ के 120 जवान देना आते हैं सेवा की एक इंजीनियरिंग रेजीमेंट टुकड़ी को भी स्टैंडबाई पर रखा गया ताकि जरूरत पड़ती तुरंत काम में लिया जा सके यह हादसा तकरीबन 22 फरवरी की सुबह 8:30 बजे हुआ था बीते दिन और रस के ऑपरेशन में अभी यह तीन प्रमुख चुनौतियां आ रही है अंदर पहुंचने पर मजदूरों को उनके नाम से बुलाया गया उन्हें आवाज लगाई गई लेकिन उनका कोई जवाब नहीं मिला एक बड़ी चिंता की बात है क्योंकि कहीं ना कहीं ऑक्सीजन की कमी की वजह से बेहोश तो नहीं होंगे मजदूर अगर एक बार उनकी आवाज भी आ जाए तो भी उनकी सही लोकेशन का पता चल पाएगा की सुरंग में आखिर वह फंसे कीजिएगा तुरंत के अंदर 13 किलोमीटर की दूरी में से 11 किलोमीटर दूरी तो लोकोमोटिव पड़ता है और 2 किलोमीटर कन्वेयर बेल्ट पड़ता है फिर आगे क्या की पानी की जल की समस्या आ रही है सूरन के अंदर 200 मीटर एरिया में मालवा भरा है जब तक पानी नहीं निकल जाता तब तक मालवा साफ करने का काम भी शुरू नहीं होगा तो यही वजह है कि यह कुछ दिक्कतें आ रही
तेलंगाना टनल हादसा: 24 घंटे से 13KM अंदर फंसे 8 मजदूर, नहीं हुआ संपर्क
तेलंगाना राज्य में एक बड़ा टनल हादसा हो गया जिसमें तकरीबन आठ जिंदगियां फांसी हुई है पहले पानी और फिर मलवा आ गया अभी तक भी मजदूरों की सही लोकेशन तक का पता नहीं चल पा रहा मोटा मोटी अनुमान के मुताबिक दोस्तों टेरा ...
