मध्यप्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण रेल प्रोजेक्ट में से एक इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट तेजी से अपने अंतिम चरण में पहुंच रहा है। इस रेल प्रोजेक्ट का सबसे अहम हिस्सा टिही टनल लगभग 85% तक पूरा हो चुका है और अनुमान है कि जून तक इसका काम पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। इस टनल के निर्माण से इंदौर और दाहोद के बीच सीधा रेल मार्ग संभव होगा, जिससे यात्रियों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
टिही टनल: 6 साल से चल रहा निर्माण कार्य
इंदौर-दाहोद रेल लाइन के निर्माण में सबसे बड़ी चुनौती तीन किलोमीटर लंबी टिही टनल थी, जिस पर पिछले छह सालों से काम चल रहा था। रेलवे विभाग ने इस टनल का सिविल वर्क पिछले वर्ष ही पूरा कर लिया था, और अब इसकी फिनिशिंग तथा ट्रैक बिछाने का काम अगले तीन महीनों में पूरा किया जाना है। खास बात यह है कि इस टनल में लिस्टलैस ट्रैक बिछाया जा रहा है, जो इसे और भी आधुनिक और टिकाऊ बनाएगा।
इंदौर से धार को मिलेगा सीधा कनेक्शन
इस परियोजना के तहत इंदौर से धार के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट साल 2008 में स्वीकृत किया गया था, लेकिन उस समय टनल का प्रस्ताव नहीं था। बाद में अधिकारियों ने टनल निर्माण को प्रोजेक्ट में शामिल किया और 2017-18 में इसके लिए टेंडर जारी किए गए थे। हालांकि, कोविड-19 महामारी के कारण रेलवे ने इस प्रोजेक्ट को कुछ समय के लिए रोक दिया था, लेकिन अब यह तेज़ी से पूरा किया जा रहा है।
क्या होगा इस प्रोजेक्ट से फायदा?
- सीधा रेल कनेक्शन: इंदौर से दाहोद, गुजरात और महाराष्ट्र के लिए अब सीधी रेल सेवा मिलेगी, जिससे सफर पहले से ज्यादा सुविधाजनक होगा।
- औद्योगिक विकास: इंदौर और धार क्षेत्र में नए उद्योगों की संभावनाएं बढ़ेंगी, जिससे व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
- यात्रा समय में कमी: इस नई रेल लाइन से इंदौर-दाहोद के बीच यात्रा समय में कमी आएगी, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
- आधुनिक रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर: टिही टनल में लिस्टलैस ट्रैक जैसी नई तकनीकें अपनाई जा रही हैं, जो रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत बनाएगी।
- पर्यटन को बढ़ावा: धार और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा होगा।









