Highlights :
- नवरात्री के अंतिम दिन रामनावमी में निकाली जानी है भव्य शोभा यात्रा |
- शोभा यात्रा में ही तलवारबाजी का प्रदर्शन करते हुए चलेंगी ये लड़कियां |
- आत्मसुरक्षा के लिहाज से सीख रही है तलवार चलाना |
- हर रोज कई घंटे चलता है अभ्यास |
छतरपुर(एमपी) मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक नया नवाचार देखने को मिल रहा है यहां 1000 से अधिक की संख्या में बेटियां तलवार, कटार एवं फरसा जैसे शस्त्र चलाना सीख रही है सैकड़ों की संख्या में बच्चियां एवं युवतियां रोजाना घंटो अभ्यास करती है |
आखिर क्यों शस्त्र चलाना सीख रही है बेटियां…
नवरात्रि के मौके पर छतरपुर शहर के प्रताप नवयुवक संघ के द्वारा 1000 से अधिक बच्चियों को तलवार कटार एवं फरसा जैसे शस्त्र चलाना सिखाया जा रहा है जिनका अभ्यास यह बेटियां दोपहर 1 से लेकर 5:00 बजे तक करती हैं इस बीच शहर के अलग-अलग जगह से यह बेटियां डाकखाने पर बने एक पुराने महल में एकत्र होती हैं जहां पर प्रशिक्षित गुरुओं के द्वारा इन्हे प्रशिक्षण दिया जा रहा है|
शस्त्र चलाना सीखने वाली बेटियां बेहद उत्साहित है और आत्मविश्वास से भरी हुई है फरसा सीखने वाली एक बेटी रियांशी राय बताती है की उन्हे बेहद अच्छा लग रहा है और उन्हें इस बीत की खुशी है की वह आत्मरक्षा के लिए फरसा सीख रही है |
तलबरबाजी सीखने वाली एक बेटी इक्षा तिवारी बताती है की तलवार सीखने से हमारे अंदर आत्म विश्वास जागता है लोग लड़कियों को कमजोर न समझे हम लोग और भी लड़कियों को प्रेरित कर रहे है की वह अपनी आत्म रक्षा के लिए शस्त्र चलाना सीखें|
बच्चियों को तलवार सिखाने वाली आकांक्षा यादव बताती है कि वह पिछले कई दिनों से बच्चों को तलवारबाजी सीख रही है वह खुद भी तलवार चला लेती है उन्हें इस बात की खुशी है कि वह शस्त्र चलाना सीख रही हैं इससे उनके अंदर आत्मविश्वास जाग रहा है वह अपने एवं अपने परिवार की रक्षा करने के लिए शस्त्र चलाना सीखना बेहद जरूरी बताती हैं|
कैसे हुई शुरुआत …
बच्चियों को फरसा कतर एवं तलवारबाजी सीखने की बात आखिर कैसे और क्यों शुरू हुई इसके बारे में जानकारी देते हुए प्रताप नवयुवक संघ के प्रदीप सेन बताते हैं कि हिंदू समाज की कई बेटियां जिस रास्ते से कॉलेज होकर जाती थी उसे रास्ते में कुछ सामाजिक तत्वों का जमावड़ा हमेशा रहता था इसीलिए इस बात का ख्याल आया कि क्यों ना बच्चों को शस्त्र विद्या सिखाई जाए ताकि वह अपने एवं अपने परिवार की रक्षा कर सकें हालांकि रामनवमी के अंतिम दिन एक विशाल शोभा यात्रा भी निकाली जानी है जहां पर यह बच्चियों तलवारबाजी फरसा एवं कटार चलाने का प्रदर्शन करेंगी|
अब तक 1000 से अधिक बच्चियों तलवार कतर एवं फरसा जैसे शस्त्र चलाने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कर चुकी है यह रजिस्ट्रेशन उनके माता-पिता एवं परिवार के लोगों की सहमति से होता है परिवार के लोगों का कहना है कि शस्त्र विद्या सीखने से उनकी बेटी में न सिर्फ आत्मसम्मान की भावना बढ़ती है बल्कि आत्मरक्षा के लिए भी यह जरूरी है|