Bansagar Scam : रीवा जिले में बाणसागर परियोजना के तहत एक चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नियुक्त एक महिला की जगह उसका पति वर्षों से काम करता रहा और इस दौरान विभाग को करीब 55 लाख रुपए का नुकसान पहुंचाया। जांच में घोटाला साबित होने के बाद पुलिस ने पति-पत्नी दोनों के खिलाफ अलग-अलग एफ.आई.आर दर्ज की है।
कंप्यूटर ऑपरेटर की आड़ में घोटाले को दिया गया अंजाम।बाणसागर परियोजना के क्योंटी नहर संभाग में निविदा पद्धति के जरिए महिला दुर्गेश गुप्ता पति संतोष गुप्ता को कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में नियुक्त किया गया था।लेकिन कार्यालय में काम उसका पति संतोष गुप्ता करता था। जो विभाग की जानकारी के बिना वर्षों से यह कार्य करता रहा। मृत कर्मचारी के खाते में ट्रांसफर किए 35 लाख मई 2020 में परियोजना के कर्मचारी गिरीश कुमार मिश्रा का निधन हो गया था। उनके वेतन का भुगतान केवल 1.6 लाख रुपए लंबित था। लेकिन आरोपी ने कूट रचित तरीके से 35.53 लाख रुपए मिश्रा के खाते में डलवाए और बाद में वह रकम अपने निजी खाते में ट्रांसफर करवा ली। यह पूरा खेल विभाग की नजरों से छिपा रहा। जब तक कि विभाग के उच्च अधिकारियों को इसकी भनक नहीं लगी।
तो रीवा कलेक्टर के निर्देश पर जांच समिति का गठन किया गया। जांच में घोटाले की पुष्टि होने पर समान थाना में शिकायत दर्ज करवाई गई। पुलिस ने संतोष गुप्ता और उसकी पत्नी दुर्गेश गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। मामले में सीएसपी शिवाली चतुर्वेदी बोलीं सालों से किया जा रहा था।वित्तीय गबन बाणसागर क्योंटी नहर परियोजना और नईगढ़ी परियोजना के अधिकारियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि साल 2019-20 के बीच में 36.94 लाख रुपए का गबन किया गया। इसी तरह साल 2020 -2021 में 18.43 लाख रुपए का अतिरिक्त गबन सामने आया। इन आरोपों में संतोष गुप्ता और दुर्गेश गुप्ता दोनों को आरोपी बनाया गया है।