देश के अधिकांश हिस्सों में समय से पहले दस्तक देने के बाद दक्षिण पश्चिम मानसून अब उत्तर भारत की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश के मानसून की सक्रियता के स्पष्ट संकेत मिल चुके हैं और अगले 24 से 48 घंटों में यह राज्य के लगभग सभी हिस्सों को कवर कर लेगा इससे पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना है
भारतीय मौसम विभाग अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग यानी आईएमडी ने बताया कि इस बार मानसून सामान्य स्थिति से काफी पहले केरल कर्नाटक महाराष्ट्र उड़ीसा पश्चिम बंगाल और बिहार में प्रवेश कर चुका है यहां तक कि राजस्थान झारखंड और मध्य प्रदेश के भी कई हिस्से मानसून की बारिश से सराबोर हो चुके हैं यही कारण है कि उत्तर प्रदेश उत्तराखंड और दिल्ली एनसीआर में भी मानसून के बादल अब सक्रिय हो रहे हैं मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल बिहार झारखंड उड़ीसा उत्तरी छत्तीसगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है इन क्षेत्रों में बिजली गिरने की संभावना जताई गई है लोगों को सलाह दी गई है कि वह सावधानी बरतें और मौसम विभाग के दिशा निर्देशों का पालन करें इसके अलावा केरल तटीय कर्नाटक कोंकण और गोवा तथा महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना है इन इलाकों में मछुआरों को समुद्र में ना जाने की चेतावनी जारी की गई है वहीं बात राजस्थान की करें तो इस बार मानसून ने समय से पहले धमाकेदार एंट्री की है मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बार मानसून के राजस्थान पर जरूर से ज्यादा मेहरबान रहेगा इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा रहा है कि इस बार मानसून ने एंट्री से पहले ही रिकॉर्ड तोड़ बारिश हो गई है इस बार मानसून ने एंट्री से पहले ही रिकॉर्ड तोड़ बारिश की है राजस्थानी मानसून के आने से पहले 1 जून से 19 जून तक पूरे प्रदेश में औसत से 71% ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है सबसे ज्यादा असर पूर्वी राजस्थान में देखा गया है यहां बीते 19 दिनों में सामान्य से 105% अधिक वर्षा हुई है जबकि पश्चिम राजस्थान में 31% ज्यादा बारिश दर्ज की गई है उत्तर भारत में मई और जून का महीना आमतौर पर लू के लिए कुख्यात होता है लेकिन इस बार मानसून के तेज रुख के चलते लू की स्थिति लगभग समाप्त हो चुकी है
मौसम वैज्ञानिकों का क्या कहना
मौसम वैज्ञानिकों की ने पुष्टि की है कि आने वाले दिनों में देश के किसी भी हिस्से में हीट वेव की कोई स्थिति नहीं बन रही है गौरतलब है कि अप्रैल और मई के शुरुआती हिस्सों में उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान 44 से 47° सेल्सियस तक पहुंच गया था लेकिन मानसूनी बादलों की सक्रियता से अब वातावरण शीतल बन चुका है फिलहाल के लिए बस इतना ही









