Ladli Behna Yojana: सोचिए जरा कि अगर किसी गरीब बहन के अकाउंट में हर महीने ₹1500 आने लगे तो उसकी जिंदगी कितनी बदल सकती है और अब यह बस सपना नहीं यह हकीकत बनने जा रही है क्योंकि मध्य प्रदेश की लाडली बहना अब बनेंगी और भी ज्यादा आत्मनिर्भर लेकिन बात बस इतनी नहीं है इसके पीछे एक बड़ा गेम भी है पॉलिटिक्स का पब्लिक इमोशंस का और वोट बैंक का भी तो चलिए इस नई स्कीम की पूरी कहानी आपको समझाते हैं
लाडली बहना योजना
2023 में शिवराज सिंह चौहान जो उस वक्त मध्य प्रदेश के चीफ मिनिस्टर थे उन्होंने स्टार्ट की थी लाडली बहना योजना जहां महिलाओं को हर महीने ₹1000 मिलने लगे फिर थोड़े टाइम बाद इस अमाउंट को बढ़ाकर ₹1250 कर दिया गया और अब 2025 में मोहन यादव सरकार ने धमाका किया है दिवाली 2025 से हर बहनों को मिलेगा ₹1500 पर मंथ और रक्षाबंधन पर मिलेगा ₹250 का स्पेशल शगुन बोनस भी 19 जून 2025 को मोहन यादव ने पब्लिकली अनाउंस किया कि हमारी बहनों को दिवाली से पहले हर महीने ₹1500 ट्रांसफर किए जाएंगे और आगे 2028 तक यह अमाउंट बढ़ाकर ₹3000 कर दिया जाएगा क्योंकि यह सिर्फ स्कीम नहीं है यह है वुमस एंपावरमेंट का मास्टर प्लान जो कि 2028 इलेक्शन का बेस भी माना जा रहा है
करोड़ों महिलाओं को मिल रहा लाभ
आपको बता दें कि कई महिलाओं ने कहा है कि हमारे लिए यह अमाउंट बहुत बड़ी हेल्प है गैस राशन बच्चों की फीस सब मैनेज हो जाता है ₹1500 से अब थोड़ी और राहत मिलेगी कुछ महिलाओं का कहना है कि पहले ₹1000 आते थे फिर ₹1,250 और ₹1,500 हमें लग रहा है कि हमारीेंस बढ़ रही है अब जरा इस स्कीम का पॉलिटिकल पॉइंट भी समझते हैं 2023 में इसी स्कीम ने बीजेपी को इलेक्शन जितवाया था अब 2028 के लिए इसी का अपग्रेडेड वर्जन लॉन्च हो गया है आज ₹1500 और कल ₹3000 यह सिर्फ पैसा नहीं यह वोटर्स का दिल जीतने का ट्रिक भी माना जा रहा है अभी इस स्कीम से 1 करोड़ 27 लाख महिलाएं जुड़ी हैं ₹1500 के हिसाब से हर महीने का खर्च होगा लगभग ₹1861 करोड़ और सालाना बजट जाएगा ₹2,000 करोड़ के पार मतलब यह स्कीम अब एमपी की सबसे बड़ी वुमेन फोकस्ड योजनाओं में से एक है
विपक्ष उठा रही सवाल
अब जाहिर है कांग्रेस और बाकी पार्टियां सवाल उठा रही है कि क्या इतना बड़ा खर्च सस्टेनेबल है कहीं यह सिर्फ चुनावी स्टंट तो नहीं लेकिन सरकार का कहना है कि हम सिर्फ वादा नहीं करते पूरा भी करते हैं और बहनों की ताकत बढ़ाना हमारा मकसद है देखा जाए तो ₹1500 की यह रकम किसी अमीर को छोटी लग सकती है पर एक गरीब बहन के लिए एक रिस्पेक्ट सपोर्ट और सर्वाइवल है और अगर 2028 तक ₹3000 देने का वादा भी पूरा हो गया तो एमपी की पॉलिटिक्स और महिलाओं की लाइफ दोनों की डायरेक्शन बदल सकती है तो अगली बार जब आप किसी बहन को यह कहते सुने कि आज ₹1500 आया है तो समझिए कि सरकार ने सिर्फ पैसे नहीं दिए उनके कॉन्फिडेंस को भी बूस्ट किया है तो सरकार की इस पहल पर आपकी क्या राय है हमें अपनी राय कमेंट बॉक्स में दें









