MP News: इंदौर-देवास बायपास पर शुक्रवार से शनिवार सुबह तक फैले भीषण जाम ने प्रशासन की लापरवाही की पोल खोल दी। ब्रिज निर्माण के कारण मुख्य मार्ग बंद कर ट्रैफिक को जर्जर और टूटे सर्विस रोड पर डायवर्ट कर दिया गया, जिससे 8 किलोमीटर लंबा जाम लग गया और करीब 4000 वाहन फंस गए।
तीन लोगों की मौत
इस महाजाम ने तीन जिंदगियों की कीमत वसूली। 62 वर्षीय किसानकमल पांचाल की हार्ट अटैक से मौत हो गई, जब उन्हें अस्पताल तक समय पर नहीं पहुंचाया जा सका। मौके पर मौजूद मात्र चार पुलिसकर्मियों की निष्क्रियता और NHAI की कोई वैकल्पिक व्यवस्था न होना* हालात को और गंभीर बना गया।
कलेक्टर के निर्देश
हालात बिगड़ने पर जिला कलेक्टर आशीष सिंह ने QRTs का गठन किया, जिसमें नगर निगम और होम गार्ड शामिल हैं। NHAI को मार्ग सुधारने और भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट का निर्देश दिया गया है।
समन्वय की विफलता
यह घटना महज ट्रैफिक नहीं, बल्कि प्रशासनिक सुस्ती और समन्वय की विफलता की चेतावनी है। निर्माण से पहले वैकल्पिक व्यवस्था और आपात सेवाओं के लिए आरक्षित लेन अब अनिवार्य होनी चाहिए। नहीं तो अगला महाजाम और भी भयावह हो सकता है।