MP News: हरसी बांध में उफान से मचा हड़कंप 20 गांवों में बाढ़ का खतरा, पर्यटक झरने जैसे नज़ारे देखने पहुंचे

MP News: डैम का गेट खुला तो पानी का फवारा जमकर फूटा। तेज पानी की गड़गड़ाहट दूर तक सुनाई दे रही है। यह तस्वीरें शिवपुरी और ग्वालियर बॉर्डर पर बने हरसी बांध की हैं, जहां अपर ककेटो बांध का गेट खुलते ही हरसी बांध में पानी उफान पर है। बांध से पानी का ओवरफ्लो होने लगा है। इसके चलते शिवपुरी-ग्वालियर के करीब 20 गांवों में खतरा बढ़ गया है।

एशिया का पहला मिट्टी का बांध

हरसी बांध की सबसे बड़ी खूबसूरती यह है कि इसमें कोई भी दरवाजा नहीं होता। इसे एशिया का पहला मिट्टी का बांध माना जाता है। यह बांध 1935 में तत्कालीन ग्वालियर रियासत के महाराजा जीवाजीराव सिंधिया द्वारा मिट्टी और गारे से बनवाया गया था।

ओवरफ्लो बना आकर्षण का केंद्र

जब यह ओवरफ्लो करता है, तो यह दृश्य देखने हजारों पर्यटक दूर-दूर से पहुंचते हैं। हरसी बांध का ओवरफ्लो देखना पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता है। लोग यहां इसे झरने की तरह गिरते पानी के नीचे नहाने का आनंद लेने आते हैं।

प्रशासन अलर्ट पर

लेकिन प्रशासन इस दौरान पूरी तरह से अलर्ट पर है। वह लगातार लोगों से ज्यादा पास ना जाने को लेकर चेतावनी दे रहा है, जिससे किसी भी तरह की कोई दुर्घटना ना हो सके।

सामान्य से ज्यादा बारिश

जिले में 1 जून से 10 जुलाई तक अब तक 481.44 मि.मी. औसत बारिश दर्ज की गई है। पिछले साल की तुलना में यह करीब 1.69 गुना ज्यादा है। 2024 में इसी अवधि में केवल 284.4 मि.मी. बारिश हुई थी। जिले की सामान्य औसत वर्षा 816.3 मि.मी. मानी जाती है, जबकि पिछले साल कुल 10,291.84 मि.मी. बारिश दर्ज की गई थी।

भारी बारिश की चेतावनी

अब अगले दो दिनों में भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को नदी से दूर रहने की सलाह दी है। फिलहाल प्रदेश में मानसून पूरी तरह से सक्रिय है। प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बिजली की गड़गड़ाहट और भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

बांधों के गेट खोले जा रहे

लगातार बारिश के चलते कई बांधों के गेट खोले जा रहे हैं। जिससे निचले क्षेत्रों को अलर्ट पर रखा गया है।