Gold Hallmarking: अगर आप भी सोना खरीदने का मन बना रहे हैं या आपके पास पहले से सोने के गहने हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। सरकार ने सस्ते सोने को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है, जिसका सीधा असर ग्राहकों और ज्वेलर्स दोनों पर पड़ेगा।दरअसल, सोने की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं और इसी कारण अब लोग कम कैरेट वाले सोने, जैसे कि 9 कैरेट के गहनों को भी खरीदना शुरू कर चुके हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने एक अहम ऐलान किया है।
जुलाई 2025 से लागू होगा नया नियम
केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के तहत काम करने वाले भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने घोषणा की है कि अब 9 कैरेट सोने पर भी हॉलमार्किंग अनिवार्य होगी। यह नया नियम जुलाई 2025 से लागू होगा।पहले 9 कैरेट सोने के गहनों पर हॉलमार्किंग जरूरी नहीं थी, लेकिन अब इसे भी हॉलमार्किंग के दायरे में लाया जा रहा है।
क्या है हॉलमार्किंग
हॉलमार्किंग का सीधा मतलब है – सोने की शुद्धता की गारंटी। BIS के अनुसार, सोने के गहनों और कलाकृतियों पर एक विशेष निशान लगाया जाता है, जो बताता है कि सोना कितना शुद्ध है।आसान भाषा में कहें तो हॉलमार्किंग ग्राहकों को ठगी से बचाती है और उन्हें यह जानने में मदद करती है कि जो सोना वे खरीद रहे हैं, वह कितना खरा है।
कौन-कौन से ग्रेड आए हॉलमार्किंग के तहत
BIS की नई घोषणा के अनुसार अब 24KF, 24KS, 23K, 22K, 20K, 18K, 14K और 9K जैसे ग्रेड भी हॉलमार्किंग के अंतर्गत आएंगे।9 कैरेट सोने के लिए नियम है कि उसमें कम से कम 375 भाग प्रति 1000 सोना होना चाहिए, यानी यह 37.5% शुद्ध होता है।
ज्वेलर्स के लिए अनिवार्य होगा पालन
ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल ने भी X (ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से स्पष्ट किया है कि सभी ज्वेलर्स और हॉलमार्किंग सेंटर को BIS के नए नियमों का पालन करना होगा।उनका कहना है कि 9 कैरेट गोल्ड अब BIS संशोधन संख्या 2 के अनुसार अनिवार्य हॉलमार्किंग के अंतर्गत आता है।यह एक ऐसा कदम है जिससे ज्वेलरी इंडस्ट्री में पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्राहकों को विश्वास के साथ खरीदारी करने का अवसर मिलेगा।
सोने की बढ़ती कीमतें
18 जुलाई 2025 को दिल्ली में 24 कैरेट वाले 10 ग्राम सोने की कीमत ₹99,520 तक पहुंच गई।
बढ़ती कीमतों की वजह से लोग अब सस्ते विकल्प यानी कम कैरेट वाले सोने की तरफ रुख कर रहे हैं।
सोने के सिक्कों पर भी नया नियम
BIS ने अपने नियमों में कुछ और बदलाव किए हैं। अब 24KF और 24KS सोने की पतली शीट से बने सिक्के को ही सोना माना जाएगा।हालांकि, यह सिक्का केवल रिफाइनरी या टसाल द्वारा बनाया जाना चाहिए और इसकी कोई कानूनी मुद्रा वैल्यू नहीं होनी चाहिए।