Jhalawar School incident: झालावाड़। इस वक्त की सबसे बड़ी खबर राजस्थान से सामने आ रही है, जहां एक सरकारी स्कूल की छत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में 7 बच्चों की मौत हो गई है, जबकि 28 से ज्यादा बच्चे घायल हो गए हैं।
पीपल लोदी गांव में हुआ हादसा
यह दर्दनाक घटना झालावाड़ जिले के मनोहर थाना क्षेत्र के पीपल लोदी गांव की बताई जा रही है। यहां के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की छत अचानक गिर गई, जिससे कक्षा में मौजूद कई छात्र मलबे में दब गए।
राहत व बचाव कार्य जारी
हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य तेज़ी से शुरू कर दिया गया है। शिक्षकों और ग्रामीणों की मदद से बच्चों को मलबे से बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एसपी अमित कुमार ने दी जानकारी
झालावाड़ के एसपी अमित कुमार ने पुष्टि की है कि इस हादसे में 7 बच्चों की जान चली गई, जबकि 15 से ज्यादा घायल हुए हैं। यह घटना उस समय हुई जब सभी बच्चे कक्षा में मौजूद थे।
बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस भयावह हादसे के बाद सवाल उठने लगे हैं कि आखिरकार जर्जर स्कूल में बच्चों को पढ़ाई की अनुमति कैसे दी गई? स्कूल की स्थिति इतनी खराब थी कि भवन का हिस्सा गिर गया, जिससे मासूमों की जान चली गई।
पीएम मोदी और सीएम भजनलाल शर्मा ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है और उन्हें हर संभव मदद पहुंचाई जाएगी।राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए घायलों से मिलने की बात कही है। साथ ही इस हादसे की जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग ने जारी किया बड़ा सर्कुलर
हादसे के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए एक महत्वपूर्ण सर्कुलर जारी किया है। इसमें कहा गया है कि अब कोई भी जर्जर स्कूल राजस्थान में संचालित नहीं किया जाएगा। यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अभी भी जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन
अब तक मिली जानकारी के अनुसार, 28 से ज्यादा बच्चे घायल हुए हैं और कई बच्चे अभी भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं। उन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से जारी है।