MP News: जिले में हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं अभियान पूरे प्रदेश में मॉडल बन गया है। जिला कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा की पहल पर जिला प्रशासन के आदेश के बाद से बालोद जिले के सभी पेट्रोल पंपों में बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं दिया जा रहा है इस अभियान का असर साफ दिख रहा है अब सड़कों पर बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन चालक हेलमेट पहनकर निकल रहे हैंकलेक्टर ने जिला संयुक्त कार्यालय के बाहर बोर्ड लगवाया है बिना हेलमेट प्रवेश वर्जित इसके साथ ही वहां पुलिस की ड्यूटी भी लगाई गई है
शराब दुकानों में भी सख्ती
सिर्फ पेट्रोल पंप ही नहीं बल्कि जिले की शराब दुकानों में भी बैनर लगाए गए हैंहेलमेट नहीं तो शराब नहींइन सख्त नियमों के बीच ग्रामीण इलाकों में स्थिति अलग है गांवगांव में दुकानदार ऑटो मैकेनिक पान ठेले और किराना व्यापारी बड़े जरीकेन में पेट्रोल खरीदकर अधिक दामों पर बेच रहे हैं100 रुपये का पेट्रोल 120 से 130 रुपये में बिना हेलमेट ही आसानी से मिल रहा है इससे लोग पेट्रोल पंप की बजाय इन दुकानदारों से पेट्रोल लेना बेहतर समझ रहे हैं
पेट्रोल पंप मालिकों का नुकसान
पेट्रोल पंप मालिकों का कहना है कि वे प्रशासन के आदेश का पालन कर रहे हैं, लेकिन ग्राहकों से विवाद की स्थिति अक्सर बन जाती है। अवैध बिक्री के चलते उनकी बिक्री पर भी बुरा असर पड़ा है अब देखना यह होगा कि गांव-गांव में बोतल बंद अवैध पेट्रोल बेचने वालों पर जिला प्रशासन कब और कैसी कार्रवाई करता है
रिपोर्ट विनोद जैन









