Ahmedabad Plane Crash: गुजरात के अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया के विमान हादसे को लेकर एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने 12 जुलाई को प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है कि विमान के दोनों इंजनों के फ्यूल कंट्रोल स्विच टेक ऑफ के तुरंत बाद अचानक बंद हो गए थे। यह फ्लाइट एयर इंडिया की AI171 थी, जो टेक ऑफ के कुछ ही सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी।
पायलटों के बीच कॉकपिट में हुई थी फ्यूल स्विच को लेकर बातचीत
रिपोर्ट में दर्ज कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डिंग के अनुसार टेक ऑफ के तुरंत बाद पायलटों के बीच फ्यूल स्विच को लेकर बातचीत हुई थी। एक पायलट ने दूसरे से पूछा था कि क्या उसने फ्यूल स्विच बंद किया है, जिस पर जवाब मिला कि नहीं। उड़ान भरने से ठीक पहले विमान के एक सेंसर में भी खराबी आई थी, जिसे बाद में सुधार दिया गया था।
हादसे में गई 270 लोगों की जान
इस दुर्घटना में कुल 270 लोगों की जान चली गई, जिनमें 247 यात्री और बाकी क्रू मेंबर शामिल थे। टेक ऑफ के कुछ सेकंड बाद इंजन बंद हो जाने की वजह से विमान का थ्रस्ट खत्म हो गया था और वह नियंत्रण खो बैठा।
उड़ान के समय विमान की स्थिति थी सामान्य
रिपोर्ट में बताया गया कि टेक ऑफ के समय विमान की स्थिति सामान्य थी। थ्रस्ट लीवर पूरी तरह आगे की ओर थे, फ्लैप सेटिंग 5 डिग्री पर थी और गियर भी नीचे की स्थिति में थे, जो उड़ान के लिए सामान्य माने जाते हैं।
टेक ऑफ के कुछ सेकंड बाद ही हुआ हादसा
जांच में यह भी सामने आया कि टेक ऑफ के महज एक सेकंड के भीतर दोनों इंजन के फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद हो गए थे। इसके बाद विमान केवल 29 सेकंड तक हवा में रहा और फिर अहमदाबाद एयरपोर्ट की सीमा से बाहर जाकर क्रैश हो गया।
625 फीट की ऊंचाई से गिरा विमान
हादसे के वक्त विमान की नोज़ 8 डिग्री ऊपर की ओर थी और वह 625 फीट की ऊंचाई से गिरा। पायलट ने टेक ऑफ के पांच सेकंड बाद MED मैसेज भेजा था। एयर ट्रैफिक कंट्रोल द्वारा जब कॉल साइन पूछा गया, तो कोई उत्तर नहीं मिला।
ईंधन और वजन थे सुरक्षित सीमा में
इस पूरे हादसे की रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि विमान में 54,200 किलोग्राम ईंधन मौजूद था और टेक ऑफ के समय उसका वजन 213,000 किलोग्राम था, जो कि स्वीकृत सीमा में था।
अनुभवी पायलट भी नहीं रोक पाए हादसा
विमान को उड़ाने वाले दोनों पायलट काफी अनुभवी थे। कप्तान सुमित शबरवाल की उम्र 56 साल थी और उन्हें बोइंग 787 पर 8,596 घंटे का उड़ान अनुभव था। वहीं को-पायलट क्लाइव कुंदर 32 वर्ष के थे और उनके पास भी 1,128 घंटे का उड़ान अनुभव था।
फ्यूल कट ऑफ की असली वजह पर जांच जारी
हालांकि रिपोर्ट में इंजन फ्यूल कट ऑफ को प्रमुख कारण बताया गया है, लेकिन अभी इस बात की जांच चल रही है कि आखिर वह स्विच अचानक बंद क्यों हुए। मंत्री मुरलीधर ने भी कहा है कि सिर्फ इन तथ्यों के आधार पर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।









