MP News: छतरपुर के कदारी गांव में रातोंरात प्रकट हुआ चमत्कारी कुआं पूजा के लिए उमड़ी भीड़

MP News: छतरपुर के कदारी गांव में अचानक एक कुएं के प्रकट होने की खबर ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी लोगों का मानना है कि यह एक दैय चमत्कार है जिसके कारण यह कुआं आस्था का एक केंद्र बन गया है हजारों ...

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MP News: छतरपुर के कदारी गांव में रातोंरात प्रकट हुआ चमत्कारी कुआं पूजा के लिए उमड़ी भीड़

MP News: छतरपुर के कदारी गांव में अचानक एक कुएं के प्रकट होने की खबर ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी लोगों का मानना है कि यह एक दैय चमत्कार है जिसके कारण यह कुआं आस्था का एक केंद्र बन गया है हजारों की संख्या में लोग इस चमत्कारी कुएं को देखने और पूजा करने के लिए पहुंच रहे हैं

खेत में अचानक कुएं का प्रकट होना

यह घटना छतरपुर जिला मुख्यालय के लगभग 12 कि.मी. दूर हनुमत विश्वकर्मा के खेत में हुई विश्वकर्मा ने बताया है कि सुबह जब वह अपने खेत पर पहुंचे तो उन्होंने वहां एक बड़ा कुआं देखा जबकि रात में वहां ऐसा कुछ भी नहीं था सबसे हैरानी की बात तो यह है कि खेत में रखा एक पानी से भरा हुआ ड्रम भी गायब मिला

मंदिर से जुड़ी दैवी शक्ति की मान्यता

ग्रामीणों का दावा है कि कुएं के पास स्थित प्राचीन वंध्य वासनी माता मंदिर के कारण यह एक दैय शक्ति का चमत्कार है। लोगों का मानना है कि कुआं का पानी गंगाजली की तरह पवित्र है और इसे पीने से बीमारियां और रोग ठीक हो रहे हैं इसी विश्वास के चलते लोग बोलते हैं कि इस कुएं का पानी पीने से लोगों की अनेकों बीमारियां ठीक हो रही हैं

ऐतिहासिक और पौराणिक होने की चर्चा

कुएं की ईंटों को देखकर लोग इसे 200 से 300 साल पुराना मान रहे हैं। जिससे इसे ऐतिहासिक और पौराणिक होने की धारणा को बल मिल रहा है। यह खबर आसपास के इलाकों में आग की तरह फैल गई है और दूर-दूर से लोग पैदल और निजी वाहनों से यहां पहुंच रहे हैं। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के लिए पुलिस बल भी तैनात किया है।

क्या है वैज्ञानिक सच्चाई

जहां एक और लोग इसे चमत्कार मार रहे हैं, वहीं वैज्ञानिक और चिकित्सा विशेषज्ञ इस पर सवाल उठा रहे हैं महाराज छत्रसाल बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में भूगर्भ शास्त्र के प्रोफेसर पी के जैन ने बताया है कि किसी कुएं का रातोंरात बनना संभव नहीं है। उन्होंने कहा है कि इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण नहीं हो सकता है

भूगर्भीय कारणों की संभावना

प्रोफेसर जैन के अनुसार हो सकता है कि पहले से ही वहां पुराना कुआं या बावड़ी बनी रही हो जो भारी बारिश के कारण धस गई हो और इसी वजह से एक गड्ढा बन गया हो। उन्होंने बताया है कि इस साल छतरपुर में बहुत ज्यादा बारिश हुई है जिससे ऐसी घटना होने की संभावना बढ़ जाती है।

स्वास्थ्य जोखिमों की चेतावनी

छतरपुर जिला अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर रवि सोनी ने लोगों को इस पानी को पीने से बचाने की सलाह दी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि बारिश का दूषित पानी पीने से हैजा टाइफाइड, वायरल बुखार और दस्त जैसी कई बीमारियां हो सकती है। डॉ. सोनी ने लोगों से कहा है कि आस्था के नाम पर कहीं का भी दूषित पानी ना पिए क्योंकि यह उनके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है।

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