एमपी में मौसम का बदलता मिजाज: मार्च में सर्दी का अहसास

मार्च का महीना आमतौर पर गर्मी की शुरुआत मानी जाती है, लेकिन इस बार एमपी (मध्य प्रदेश) में मौसम ने अप्रत्याशित रूप से करवट ले ली है। हिमालय क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत से ठंडी हवाएं मध्य प्रदेश तक पहुंच ...

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एमपी में मौसम का बदलता मिजाज: मार्च में सर्दी का अहसास

मार्च का महीना आमतौर पर गर्मी की शुरुआत मानी जाती है, लेकिन इस बार एमपी (मध्य प्रदेश) में मौसम ने अप्रत्याशित रूप से करवट ले ली है। हिमालय क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत से ठंडी हवाएं मध्य प्रदेश तक पहुंच रही हैं। इसके चलते दिन और रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को एक बार फिर सर्दी का अहसास होने लगा है।मौसम विभाग के अनुसार, 2 मार्च को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ, जिससे उत्तर की ठंडी हवाओं का प्रभाव मध्य प्रदेश में देखने को मिला। आने वाले दिनों में 9 मार्च को एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है।

दिन और रात के तापमान में गिरावट

मौसम में आए इस बदलाव का असर तापमान पर भी देखने को मिला है। बुधवार को दिन का तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस और रात का 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि एक दिन पहले 30.5 डिग्री (दिन) और 16.8 डिग्री (रात) था। मात्र 24 घंटों में दिन के तापमान में 2.1 डिग्री और रात के तापमान में 3.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, यह ठंडक अगले 24 घंटों तक बनी रहेगी, जिसके बाद तापमान में मामूली वृद्धि हो सकती है। लेकिन 9 मार्च को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे तापमान में फिर से उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।

10 साल का सबसे कम तापमान

मार्च के महीने में न्यूनतम तापमान की बात करें तो इस साल यह 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो कि पिछले 10 वर्षों में सबसे कम है।अगर पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों को देखें तो 2021, 2022 और 2023 में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस तक रहा था। 2024 में तापमान इससे भी नीचे 9 डिग्री पर आ गया है।हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस साल मार्च में ज्यादा सर्दी पड़ने की संभावना कम है, लेकिन तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

तेज हवाओं का असर

मौसम में इस बदलाव के कारण हवाओं की गति और दिशा में भी परिवर्तन देखने को मिला है।मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक उत्तर-उत्तर-पूर्वी दिशा से हवा 2 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली।दोपहर बाद हवा की दिशा बदली और दक्षिण-दक्षिण पश्चिमी हवाएं 13 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं।इन हवाओं की वजह से वातावरण में ठंडक बनी रही और लोगों को हल्की सर्दी का अनुभव हुआ।

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