सरकार जीरो टॉलरेंस पर चाहे कितनी भी बात करें लेकिन धरातल पर इसका असर देखने को नहीं मिल रहा है और भरस्टाचार मे लिप्त आधिकारियों के मामले लगातार सामने आ रहे हे । इसकी बानगी मछुआ कल्याण एवं मध्य विभाग मंत्री नारायण सिंह पवार के ग्रह जिले में देखने को मिली है जहाँ जिला मत्स्य महासंघ अधिकारी सुरेखा सराफ द्वारा ठेकदार से हर महीने तीन लाख रूपए की रिश्वत की मांग की गयी और न देने पर उक्त डेम में ठेके का काम सुचारू रूप से न् चलाने, झूठी कार्यवाही में फंसा कर रिपोर्ट शासन को भेजकर टेंडर निरस्त करने का दवाब बनाया जा रहा था । गौरतलब हे की ठेकदार अनवर कादरी निवासी इंदौर द्वारा जिला राजगढ़ के कुंडलियां डैम का मत्स्य पालन का ठेका 7 वर्षों के लिए नवंबर 2024 में लिया है। उनका ठेका निरस्त करवाने लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
जिला मत्स्य अधिकारी का मध्यस्थ आउटसॉर्स कर्मचारी 1 लाख लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
लोकायुक्त मे हुई थी शिकायत
इसकी शिकायत दुर्गेश राठौर,पुलिस अधीक्षक, विपुस्था ,लोकायुक्त भोपाल को की गई थी। शिकायत सही पाए जाने पर रविवार को लोकायुत की टीम ने छापेमार कार्यवाही जीरापुर मे की जहाँ जिला मत्स्य महासंघ अधिकारी सुरेखा सराफ ने अपने मध्यस्थ आउटसोर्स कर्मचारी मुबारीक को एक लाख देने का कहा । जिसके बाद ट्रेप दल का गठन निरीक्षक रजनी तिवारी के नेतृत्व में किया गया। ट्रेप दल द्वारा आउटसोर्स कर्मचारी आरोपी मुबारिक गौरी को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों ट्रेप किया गया। ट्रेप की कार्यवाही जारी है। आरोपियो के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 , 12 के अन्तर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
जिला मत्स्य महासंघ अधिकारी सुरेखा सराफ को हुआ संदेह तो हुई फरार
लोकायुक्त टीम की इंस्पेक्टर रजनी तिवारी ने बताया कि आज होने वाली कार्रवाई का शक जिला मध्य लोकायुक्त टीम की इंस्पेक्टर रजनी तिवारी ने बताया कि आज होने वाली कार्रवाई का शक जिला मत्स्य महासंघ अधिकारी सुरेखा को हो गया था इसलिए वह अपने आवास और कार्यालय दोनों से फरार है अभी आगे की कार्रवाई की जाएगी