हरियाली तीज का पर्व इस वर्ष भी खास संयोग और शुभ योगों के साथ मनाया जाएगा। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक माना जाता है। सुहागन महिलाएं इस दिन व्रत रखती हैं और अपने वैवाहिक जीवन की सुख-शांति तथा पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं।श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज मनाई जाती है। इस वर्ष यह तिथि 26 जुलाई रात 10:41 बजे से शुरू होकर 27 जुलाई रात 10:41 बजे तक रहेगी। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार 27 जुलाई रविवार को हरियाली तीज का व्रत रखा जाएगा।
पूजा के प्रमुख शुभ मुहूर्त:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:46 से 5:30 बजे तक – व्रत का संकल्प लेने के लिए उत्तम।
- प्रातः कालीन शुभ मुहूर्त: सुबह 5:08 से 5:15 बजे तक।
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 से 12:55 बजे तक – पूजा के लिए श्रेष्ठ समय।
- अमृतकाल मुहूर्त: दोपहर 1:56 से 3:34 बजे तक।
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:55 से 3:48 बजे तक।
- गोदूलि मुहूर्त: शाम 5:25 से 7:38 बजे तक – व्रत पारण का सर्वोत्तम समय।
इस बार का विशेष संयोग महालक्ष्मी राजयोग और रवि योग
इस वर्ष हरियाली तीज पर चंद्रमा सिंह राशि में गोचर करेगा, जहां पहले से मंगल स्थित हैं। इससे महालक्ष्मी राजयोग और रवि योग का निर्माण होगा। इस शुभ संयोग में पूजा, दान और कीर्तन अत्यंत फलदायी माने जाते हैं।
हरियाली तीज पर दीपक जलाने के विशेष उपाय
- हरियाली तीज पर दीपक जलाना बहुत शुभ फलदायी होता है। घर के इन स्थानों पर दीपक अवश्य जलाएं:
- पूजा स्थल पर: यह स्थान सबसे पवित्र माना जाता है। शिव-पार्वती की आराधना हेतु दीपक जरूर जलाएं।
- तुलसी के पौधे के पास: तुलसी को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। यहां दीपक जलाने से घर में सुख-शांति आती है।
- मुख्य द्वार पर: मुख्य द्वार के दोनों ओर दीपक जलाने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है।
- बिल्वपत्र के पेड़ के नीचे: यहां दीपक जलाने से भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा मिलती है। यह उपाय विवाह योग्य कन्याओं के लिए भी शुभ माना गया है।
व्रत के दौरान महिलाएं इन बातों का रखें खास ध्यान
- हरियाली तीज पर व्रत करते समय इन बातों का ध्यान रखें ताकि पूर्ण पुण्यफल की प्राप्ति हो:
- कथा अवश्य सुनें: शिव-पार्वती व्रत कथा बिना व्रत अधूरा माना जाता है।
- झूठ, गुस्सा और ईर्ष्या से बचें: व्रत के दिन मन और वाणी को शुद्ध रखें।
- काले और सफेद कपड़े न पहनें।
- शराब, सिगरेट और धूम्रपान से दूरी बनाए रखें।
- निर्जला व्रत जरूरी नहीं है: सामान्य व्रत भी किया जा सकता है।
- तामसिक भोजन से दूर रहें।
- विवाहित महिलाएं 16 श्रृंगार करें।
- व्रत पारण से पहले पति के चरण स्पर्श अवश्य करें।
- हरियाली तीज पर हरे रंग का विशेष महत्व
इस दिन हरे रंग की चूड़ियां पहनना, हरे वस्त्र पहनना और हरी वस्तुओं का दान करना शुभ होता है। इससे जीवन में समृद्धि, वैवाहिक सुख और भाग्योदय के योग बनते हैं।