ICMR: नमक बन सकता है अगली महामारी का कारण वैज्ञानिकों ने दी चौंकाने वाली चेतावनी

ICMR: कोविड के बाद अब एक नई महामारी दस्तक देने वाली है और यह महामारी कहीं और से नहीं, बल्कि आपके घरों से आ सकती है। वैज्ञानिकों ने बड़ी चेतावनी दी है और यह चेतावनी आपके घरों में खाने वाले नमक को लेकर है। ...

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ICMR: नमक बन सकता है अगली महामारी का कारण वैज्ञानिकों ने दी चौंकाने वाली चेतावनी

ICMR: कोविड के बाद अब एक नई महामारी दस्तक देने वाली है और यह महामारी कहीं और से नहीं, बल्कि आपके घरों से आ सकती है। वैज्ञानिकों ने बड़ी चेतावनी दी है और यह चेतावनी आपके घरों में खाने वाले नमक को लेकर है। वैज्ञानिकों के अनुसार अब वही सोडियम वाला नमक, जिसे पहले स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी बताया जाता था, आपके जीवन के लिए खतरा बन सकता है।

 मूख महामारी को जन्म दे रहा है ज्यादा नमक

वैज्ञानिकों ने बताया कि यह मूख महामारी को जन्म दे रहा है और इसके कारण लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है। अत्यधिक सोडियम वाला नमक खाने की वजह से हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं और इसी को लेकर वैज्ञानिकों ने चेताया है।

 ICMR का बड़ा खुलासा

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के अध्ययन में दावा किया गया है कि अत्यधिक नमक का सेवन भारत में एक मूख महामारी को बढ़ावा दे रहा है। इससे हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक, हृदय रोग और गुर्दे की बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ा है।

कितना नमक खाना है सुरक्षित

अब सवाल यह उठता है कि एक व्यक्ति को प्रतिदिन कितना नमक खाना चाहिए। इस पर WHO की एक रिपोर्ट के अनुसार एक दिन में 5 ग्राम से कम नमक का सेवन ही स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित माना गया है।

 शहरी और ग्रामीण इलाकों में नमक की खपत

मौजूदा स्थिति के मुताबिक शहरी क्षेत्रों में रहने वाले भारतीय प्रतिदिन औसतन 9.2 ग्राम नमक का सेवन कर रहे हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा 5.6 ग्राम के करीब है।

 ज्यादा नमक की आदत बन सकती है जानलेवा

वैज्ञानिकों ने चेताया है कि अत्यधिक सोडियम का सेवन आपकी सेहत के लिए गंभीर खतरा बन रहा है। दाल, सब्जी आदि में सामान्य नमक के अलावा ऊपर से अलग से नमक डालने की आदत बेहद खतरनाक हो सकती है।

 समाधान कम सोडियम वाला नमक

विशेषज्ञों का कहना है कि कम सोडियम वाला नमक इस्तेमाल करने से ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रहता है और दिल की सेहत में सुधार होता है। इससे ब्लड प्रेशर में 7/4 एमएमएचजी तक की कमी आ सकती है।

 ICMR की नई परियोजना

ICMR ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी के साथ मिलकर पंजाब और तेलंगाना में एक तीन वर्षीय परियोजना की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य कम सोडियम वाला नमक तैयार करना और उसे आम लोगों तक पहुंचाना है।

 बढ़ती बीमारियों का छुपा कारण ज्यादा नमक

कोरोना महामारी के बाद अब इस नई चेतावनी को लेकर वैज्ञानिक गंभीर हैं, क्योंकि लगातार बढ़ते हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट, हाई ब्लड प्रेशर और किडनी से जुड़ी बीमारियों के पीछे एक बड़ा कारण अत्यधिक नमक का सेवन हो सकता है।

 स्वस्थ जीवन के लिए नमक की मात्रा पर रखें ध्यान

अगर आप भी अधिक मात्रा में नमक, विशेषकर सोडियम वाला नमक, नियमित रूप से खा रहे हैं तो यह आपके स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चेतावनी है। WHO के अनुसार प्रतिदिन अधिकतम 5.2 ग्राम नमक से ज्यादा का सेवन नहीं करना चाहिए।

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