Ladli Behna Yojana: महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए जून 2023 में मध्य प्रदेश सरकार ने लाडली बहना योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को हर महीने सीधे आर्थिक मदद दी जाती है। शुरुआत में यह राशि ₹1000 प्रतिमाह थी। विधानसभा चुनाव से पहले इसे बढ़ाकर ₹1250 कर दिया गया। दिवाली से इसे ₹1500 प्रतिमाह करने की घोषणा हुई। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2028 तक यह राशि बढ़ाकर ₹3000 प्रतिमाह कर दी जाए।
लाडली बहना योजना की 26वीं किस्त की तारीख तय
इस बार बहनों को सिर्फ ₹1,250 ही नहीं बल्कि रक्षाबंधन के विशेष अवसर पर अतिरिक्त ₹250 का स्नेहल, शगुन भी मिलेगा। इस तरह बहनों के खातों में कुल ₹1500 ट्रांसफर होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि 12 जुलाई को उज्जैन में वृहद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यहीं से बहनों के खातों में 26वीं किस्त और रक्षाबंधन का शगुन भेजा जाएगा।
रक्षाबंधन पर बहनों को मिलेगा ₹250 का अतिरिक्त शगुन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार 9 जुलाई को हुई कैबिनेट बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी। उन्होंने बताया कि 12 जुलाई को 2025 को उज्जैन में आयोजित विशेष कार्यक्रम से बहनों के खातों में यह राशि अंतरित की जाएगी। इसके साथ ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन और गैस सब्सिडी की राशि भी अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक्स पर रक्षाबंधन के अवसर पर ₹1250 के साथ इस बार बहनों को ₹250 का स्नेहिल शगुन मिलेगा।
शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार से भी जोड़ा जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाडली बहना योजना को सिर्फ आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखा जाएगा बल्कि इसके माध्यम से बहनों को शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार से भी जोड़ा जाएगा। आने वाले वर्षों में योजना को और व्यापक बनाने की तैयारी है।
1 करोड़ 27 लाख बहनों को होगा सीधा लाभ
इस फैसले से प्रदेश की 1 करोड़ 27 लाख बहनों को सीधा लाभ मिलेगा। जिन्हें हर महीने आर्थिक सहयोग देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। लाडली बहना योजना प्रदेश में महिलाओं के सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में एक मजबूत कड़ी बनकर उभरी है। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है। घर में उनकी भूमिका और निर्णय क्षमता बढ़ी है।
गैस सब्सिडी और पेंशन की राशि भी होगी ट्रांसफर
साथ ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन और गैस सब्सिडी की राशि भी अंतरित की जाएगी। जिससे लाखों लाभार्थी परिवारों को सीधा लाभ होगा।









