Microgreen Farming: खेती अब सिर्फ खेतों तक सीमित नहीं रही। आज के समय में आप घर की छत, बालकनी या छोटे से कोने में भी खेती करके अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं। एक ऐसी फसल जो मात्र 7 से 10 दिन में तैयार हो जाती है, कम पानी में उगती है और बाजार में महंगे दामों में बिकती है। इस फसल का नाम है माइक्रोग्रीन।
क्या होती है माइक्रोग्रीन फसल
माइक्रोग्रीन्स छोटे-छोटे पौधों के अंकुर होते हैं जो बीज अंकुरण के कुछ ही दिनों बाद कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं। इनकी लंबाई केवल दो से तीन इंच होती है, लेकिन पोषण और दाम दोनों के मामले में ये बेहद लाभकारी होते हैं। गेहूं घास, मूली, सरसों, धनिया, सूरजमुखी, ब्रोकली और मटर के अंकुर इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
घर पर माइक्रोग्रीन कैसे उगाएं
इस खेती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आप इसे बेहद कम जगह में उगा सकते हैं। इसके लिए बस अच्छी क्वालिटी के बीज, एक ट्रे या गमला, थोड़ी मिट्टी या कोकोपीट और एक स्प्रे बोतल की जरूरत होती है।ट्रे में मिट्टी या कोकोपीट डालकर हल्के हाथों से बीज छिड़कें, और फिर उन्हें हल्के से दबा दें। रोजाना थोड़ा पानी स्प्रे करें और सिर्फ सात से दस दिन में यह फसल कटाई के लिए तैयार हो जाएगी।
कितनी होगी लागत और कितना मिलेगा मुनाफा
अगर आप 100 ट्रे में माइक्रोग्रीन उगाते हैं तो आपकी शुरुआती लागत करीब तीन से पांच हजार रुपये के बीच होगी। हर ट्रे से लगभग 100 से 150 ग्राम फसल मिलती है। वर्तमान बाजार में माइक्रोग्रीन्स की कीमत 300 से 600 रुपये प्रति किलो तक है। कुछ खास किस्में तो 1000 रुपये किलो तक भी बिकती हैं। यानी थोड़ी समझदारी और नियमित देखभाल से आप महीने में अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं।
कहां बेच सकते हैं माइक्रोग्रीन फसल
सबसे अच्छा विकल्प है होटल और रेस्टोरेंट्स, जहां माइक्रोग्रीन्स का उपयोग सलाद और गार्निशिंग में बड़े पैमाने पर होता है। इसके अलावा जूस सेंटरों पर खासतौर से वीट ग्रास की अच्छी मांग रहती है। जिम और हेल्थ क्लब्स में भी माइक्रोग्रीन फसलों की खपत तेजी से बढ़ रही है। आप लोकल सब्जी मंडियों में जाकर सीधे भी इन्हें बेच सकते हैं, या फिर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डिलीवरी ऐप्स का सहारा लेकर भी बिक्री कर सकते हैं।
पैकिंग और डोर-टू-डोर सेलिंग से बढ़ाएं कमाई
चाहें तो आप खुद का एक पैकिंग ब्रांड बनाकर मिक्स माइक्रोग्रीन पैकेट तैयार कर सकते हैं और डोर-टू-डोर सेलिंग शुरू कर सकते हैं। इससे आपको अपना एक अलग कस्टमर बेस बनाने में मदद मिलेगी।
क्या हैं माइक्रोग्रीन फसल के फायदे
यह फसल बेहद तेजी से तैयार होती है, इसमें कम समय और मेहनत लगती है, कम पानी और कम जगह की जरूरत होती है और मुनाफा अपेक्षाकृत अधिक होता है। इसके अलावा इसकी मार्केट में अभी अच्छी खासी डिमांड है, जो इसे और भी फायदेमंद बनाती है।
क्या सावधानियां बरतनी चाहिए
बीज की गुणवत्ता बहुत अच्छी होनी चाहिए क्योंकि खराब बीज से उपज भी खराब होती है। पानी ज्यादा देने से बचें, केवल स्प्रे के जरिए ही नमी बनाए रखें ताकि फंगस न लगे। हर बैच की सफाई और ट्रे की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।