MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नरसिंहगढ़ में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में लाडली बहनों के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने सिंगल क्लिक के माध्यम से 1 करोड़ 27 लाख लाडली बहनों के खाते में राशि ट्रांसफर की। इसके साथ ही उज्जवला योजना से जुड़ी 28 लाख से अधिक बहनों के लिए 43.90 करोड़ रुपये की सहायता राशि भी जारी की गई।
अगस्त में ₹1500 की राशि, दीपावली के बाद होगी बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगस्त में लाडली बहनों को ₹250 शगुन के साथ कुल ₹1500 दिए गए हैं। दीपावली के बाद यह राशि ₹1500 कर दी जाएगी और अगले तीन सालों में यानी 2028 तक इसे ₹3000 प्रतिमाह किया जाएगा।महिलाओं को रोजगार देने के लिए भी कई नई पहल की गई हैं। सरकार बहनों को रोजगार आधारित उद्योगों में काम करने पर ₹6000 की सहायता देगी और कार्यस्थल पर हॉस्टल की व्यवस्था भी की जाएगी।
युवाओं के लिए नई योजना
मुख्यमंत्री ने सिर्फ बहनों के लिए ही नहीं, बल्कि प्रदेश के भाइयों के लिए भी नई योजना की घोषणा की। रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को हर महीने ₹5,000 की सहायता दी जाएगी, जबकि लड़कियों को ₹6000 मिलेंगे। नौकरी मिलने पर केंद्र सरकार की ओर से ₹15,000 भी दिए जाएंगे। यह योजना प्रदेश के 25.68 लाख बेरोजगार युवाओं को रोजगार की राह दिखाने में मदद करेगी।अपने संबोधन में डॉ. मोहन यादव ने भारतीय संस्कृति और देशभक्ति पर जोर देते हुए कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आतंकी घटनाएं खत्म हुई हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस साल 15 अगस्त ऑपरेशन सिंदूर के नाम होगा।
नरसिंहगढ़ के लिए विकास परियोजनाएं
- मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लिए कई विकास योजनाओं की घोषणा की
- बैजनाथ धाम का जीर्णोद्धार और परिसर में चार भव्य द्वार का निर्माण
- कुरावर में उच्च शिक्षा के लिए एक शासकीय महाविद्यालय की स्थापना
- सिंचाई बढ़ाने के लिए नेवस नदी को पार्वती-कालीसिंध-चंबल पीकेसी परियोजना से जोड़ना
- नरसिंहगढ़ और ब्यावरा को आने वाले समय में मेट्रोपॉलिटन सिटी का हिस्सा बनाना
लाडली बहना योजना पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव से पहले लाडली बहनों को ₹1000 से योजना शुरू की थी। विपक्ष ने कहा था कि इसे बढ़ाया नहीं जा सकता, लेकिन वह वादा निभाया गया। पिछले साल राशि ₹1250 की गई और अब बढ़ाकर ₹1500 कर दी गई है। अब तक 41,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि बहनों को दी जा चुकी है।उन्होंने कहा, “जब पैसा बहनों के हाथ में आता है तो उसका सदुपयोग होता है। वह अपनी जान की बाजी लगाकर भी बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च में हर रुपए का सही इस्तेमाल करती हैं। मैं दोनों हाथ जोड़कर प्रणाम करता हूं।”