MP News: क्या ये चमत्कार था या कुछ और? आमतौर पर माना जाता है कि एक बार जब किसी की सांसें थम जाती हैं, तो फिर वो वापस नहीं आतीं। लेकिन झांसी के भोजला गांव में 90 साल की माया रानी ने ऐसा कर दिखाया जिसे सुनकर हर कोई हैरान है।
क्या हैं पूरी घटाना
शुक्रवार सुबह गांव में खबर फैली कि माया रानी का निधन हो गया है। परिजनों ने रिश्तेदारों को सूचना दी, अर्थी सजने लगी। लेकिन जैसे ही लोग अंतिम दर्शन के लिए जुटे, तभी कुछ ऐसा हुआ जिसे देखकर सबकी आंखें फटी रह गईं।माया रानी की आंखें खुलीं, हाथ-पैर हिलने लगे और उन्होंने इशारों में बताया कि वह ऊपर चली गई थीं और फिर लौट आईं। उनके शरीर पर गंगाजल छिड़का गया, दूध पिलाया गया और उन्होंने सब ग्रहण भी किया। यह सब देखकर लोग चमत्कृत रह गए।
दो बार हुई मौत
इस दौरान उन्होंने कुछ समय के लिए सांस ली, गंगाजल भी पिया और फिर लेट गईं। वो पूरे दिन जीवित रहीं। लेकिन रविवार की सुबह उनकी फिर से सांसें थम गईं। इस बार परिजन इंतज़ार करते रहे, पर माया रानी लौटकर नहीं आईं।परिजनों ने बताया कि मौत की पहली खबर के बाद डेढ़ घंटे तक कोई हलचल नहीं थी। फिर अचानक उनके मुंह में हरकत होने लगी, धड़कनें लौटने लगीं और कुछ समय बाद उनके हाथ-पैर भी हिलने लगे।जब उनसे पूछा गया कि वो कहां थीं, तो उन्होंने ऊपर की ओर इशारा करते हुए बताया ऊपर गई थी, फिर वापस आ गई।
अनोखी घटना
इस अनोखी घटना ने गांव में सनसनी मचा दी है। परिजनों का कहना है कि पहले जब उन्होंने गंगाजल छिड़का, तो माया रानी ने प्रतिक्रिया दी, दूध भी पिया और सबको इशारे से जवाब दिया। लोगों का मानना है कि यह कोई आम घटना नहीं थी यह किसी चमत्कार से कम नहीं। गांव में हर कोई इसी चर्चा में है कि 90 साल की माया रानी आखिर कैसे दो बार मौत को मात देकर वापस लौटीं।









