MP News: मंदसौर पुलिस ने लाल चंदन की तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह पर बड़ी कार्यवाही करते हुए करीब 2260 किलोग्राम लाल चंदन बरामद किया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग ₹4 करोड़ बताई जा रही है। यह कार्रवाई थाना पिपलिया मंडी पुलिस द्वारा 16 जुलाई को की गई, जिसमें दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया जबकि एक फरार हो गया।
आईशर वाहन से बरामद हुआ 180 गट्ठे चंदन
पुलिस अधीक्षक अभिषेक आनंद के निर्देश पर लगातार अवैध कारोबार पर नजर रखी जा रही है। 16 जुलाई को वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि एक आईशर ट्रैक्टर में भारी मात्रा में लाल चंदन ले जाया जा रहा है। पिपलिया मंडी पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन को रोका और तलाशी में 180 गट्ठे लाल चंदन बरामद किए। जब्त किए गए चंदन का कुल वजन 2260 किलोग्राम है, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 4.5 करोड़ रुपये आंकी गई है।
फिल्मों से प्रेरित होकर कर रहे थे तस्करी
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी फिल्मों से प्रेरित होकर लाल चंदन की अवैध तस्करी में शामिल हुए थे। वे आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से चंदन लाकर महंगे दामों में बेचने की फिराक में थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान यंद्र पिता विष्णु लाल राठौर निवासी दलपतपुरा थाना जीरन और अजय निवासी श्यामलाल, निवासी दलपतपुरा थाना जीरन के रूप में हुई है। वहीं गिरोह का मुख्य सरगना राजेंद्र उर्फ राजू भाई उर्फ सलीम भाई, पिता शालिग्राम पाटीदार निवासी गोगरपुरा फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
दुर्लभ प्रजाति है लाल चंदन
रक्त चंदन, जिसे आमतौर पर लाल चंदन कहा जाता है, भारत में मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश के दक्षिणी पूर्वी घाट की पर्वत श्रृंखलाओं जैसे शेषाचलम, वेलीगोडा, लंकामला और पालक क्षेत्रों में पाया जाता है। यह एक दुर्लभ प्रजाति है जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अत्यधिक मांग है। इसका उपयोग खासकर लग्जरी फर्नीचर, सजावटी वस्तुएं और औषधियों में किया जाता है।
मुख्य आरोपी की तलाश तेज
मामले की जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों को लाल चंदन की सप्लाई मुख्य आरोपी राजेंद्र पाटीदार द्वारा की गई थी। वन विभाग को भी इस संबंध में जानकारी भेज दी गई है और वेरिफिकेशन रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रेड सैंडलवुड की कीमत उसकी गुणवत्ता पर निर्भर करती है, जो ₹10,000 से ₹2 लाख प्रति किलोग्राम तक हो सकती है।
थाना पिपलिया मंडी के प्रभारी सब-इंस्पेक्टर नितिन कुमावत और उनकी टीम की यह कार्रवाई एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। जांच के अगले चरण में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि इतनी बड़ी मात्रा में चंदन मंदसौर जिले में कैसे पहुंचा और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।