Sarkari Yojana: एक बगिया मां के नाम’ योजना सिर्फ 15 जुलाई तक मौका, मिलेगी ₹3 लाख की सरकारी सहायता

Sarkari Yojana: क्या आप भी अपनी खाली पड़ी जमीन से आमदनी कमाना चाहते हैं और घर की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं? अगर हां, तो मध्यप्रदेश सरकार लेकर आई है एक शानदार योजना जिसका नाम है ‘एक बगिया मां के नाम’। यह योजना ...

Published

Sarkari Yojana: एक बगिया मां के नाम’ योजना सिर्फ 15 जुलाई तक मौका, मिलेगी ₹3 लाख की सरकारी सहायता

Sarkari Yojana: क्या आप भी अपनी खाली पड़ी जमीन से आमदनी कमाना चाहते हैं और घर की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं? अगर हां, तो मध्यप्रदेश सरकार लेकर आई है एक शानदार योजना जिसका नाम है ‘एक बगिया मां के नाम’। यह योजना 15 अगस्त से शुरू होने जा रही है और इसमें शामिल होने के लिए 15 जुलाई अंतिम तारीख तय की गई है।

फलदार पौधों का बगीचा और ₹3 लाख तक की सरकारी मदद

इस योजना के तहत महिलाएं अपनी आधा एकड़ से एक एकड़ तक की जमीन पर फलदार पौधों का बगीचा तैयार कर सकेंगी। बगीचा तैयार करने में आने वाला लगभग ₹3 लाख तक का खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इसमें गड्ढे खुदवाने और पौधे खरीदने का खर्च मनरेगा के तहत मिलेगा। पौधों की सुरक्षा के लिए तारबंदी, 5000 लीटर का जलकुंड, जैविक खाद और तीन साल तक देखरेख की पूरी जिम्मेदारी भी सरकार की होगी।

किन महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ

इस योजना का लाभ केवल महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य ही ले सकेंगी। अगर जमीन महिला के नाम नहीं है तो वह अपने पति, पिता, ससुर या बेटे की जमीन पर भी बगिया लगा सकती है, लेकिन इसके लिए संबंधित व्यक्ति की सहमति पत्र जरूरी होगा।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया: जानिए स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

‘एक पेड़ मां के नाम’ नामक मोबाइल ऐप के जरिए आवेदन करना होगा। इस ऐप में रजिस्ट्रेशन करते समय नाम, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, समूह की जानकारी, जमीन की डिटेल, खसरा नंबर, और जमीन किसके नाम पर है, जैसी जानकारियां भरनी होंगी। अगर जमीन किसी और के नाम पर है तो उसका सहमति पत्र भी अपलोड करना होगा। ऐप में पौधों का चयन भी करना होगा, जिसे सिप्री सॉफ्टवेयर मिट्टी और जलवायु के अनुसार सुझाएगा।

सीमित महिलाओं को मिलेगा पहले साल में मौका

पहले साल केवल 3000 महिलाओं को योजना में शामिल किया जाएगा और हर ब्लॉक से 100 महिलाओं को चुना जाएगा। हर 25 एकड़ पर एक कृषि सखी नियुक्त की जाएगी जो महिलाओं की सहायता करेगी। इन बगिचों की निगरानी ड्रोन और सैटेलाइट के माध्यम से की जाएगी।

ऑफलाइन आवेदन भी है 

यदि आप ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकतीं तो अपने पंचायत कार्यालय या राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय जाकर ऑफलाइन आवेदन भी कर सकती हैं।अगर आप भी मध्यप्रदेश की महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं और अपनी जमीन पर बगिया लगाकर आय का स्रोत बनाना चाहती हैं तो देर न करें, 15 जुलाई तक आवेदन ज़रूर कर दें।

बतौर पत्रकार जुड़िए न्यूज़ एमपी तक से

Apply Form