बेटियां किसी से कम नहीं होती यह पन्ना की गायत्री ने शाबित कर दिया अपने ग्रह पहुंचते ही पिता को अपनी कैप पहनाकर ख़ुसी जाहिर की। बेटियां राजनीति प्रसाशनिक सेवायों पुलिस के साथ अब फौज मैं भर्ती होकर बॉर्डर पर अपनी जान की परवाह किए बगैर देश की रक्षा कर रही है। पन्ना की गायत्री रैकवार ने फौज मैं शामिल होकर पन्ना सहित अपने माता पिता का नाम बढ़ाया है।
बतादें कि पन्ना के पुराने पावर हाउस के पास रहने वाली गायत्री अंजलि रैकवार पिता लल्लू रैकवार ने अपने बचपन की पढ़ाई पन्ना मैं ही संपन्न की पिता त्रतीय वर्ग कर्मचारी रहे जो सेवानिवृत्त हो चुके बड़ा परिवार होने के कारण बड़े ही संघर्ष के साथ जीवन यापन किया।
गायत्री बताती है की कुछ करने की ठानी और तय किया प्रसाशनिक पुलिस मैं तो कई महिलाएं बहन देश के लिए सेवायें दे रही है पर देश के लिए मर मिटने की सोच ने सफलता दिलाई परिवार जनो के सहयोग से सफलता मिली और आज माता पिता परिजनों के स्वागत से मन प्रफ़ुल्लित हुआ है।









